चंडीगढ़ ,11 सितम्बर(मारशल नयूज)- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और भारत तिब्बत सहयोग मंच के संस्थापक डॉक्टर इंद्रेश कुमार ने अभिनेत्री कंगना रनौत और शिव सेना के बीच चल रहे टकराव में बिना किसी का नाम लिए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी जाति को सम्मान की नजर से देखा जाता है । इंद्रेश कुमार का शिव सेना – कंगना रनौत विवाद में ये बड़ा बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है । ज्ञात रहे कि कल मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से करने वाली बॉलीवुड अदाकारा कंगना रनौत के दफ्तर के बी. एम .सी. की ओर से गिरा दिया गया था।अपने बयान में इंद्रेश कुमार ने सभी राजनीतिक दलों को नसीहत भी दे डाली। अपनी बात में उन्होंने वेदों शस्त्रों और संस्कृति का हवाला भी दिया।उन्होंने कहा कि भारतीय की सभी राजनीतिक पार्टियां राजनीति करते समय नारी सम्मान को ध्यान में रखें तो बेहतर होगा। आदि अनादि काल से संस्कृति की यह विशेषता रही है कि हर क्षेत्र चाहे वो राजनीतिक हो, धार्मिक , सामाजिक और भौतिक हो , हमेशा नारी सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाता रहा है। उन्होंने कहा कि आर.एस.एस के प्रतिनिधि के रूप में नहीं बल्कि एक समाज सुधारक के रूप में उनका मानना है कि गुरुओं , पीरों और पैगम्बरों ने भी समाज में नारी जाति को उच्च श्रेणी का दर्जा देते हुए स्त्री जाति को सम्मान देने का उपदेश दिया है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में मेरा यह मानना है कि सभी राजनीतिक दल नारी सम्मान को ध्यान में रखते हुए अपनी अपनी अपनी राजनीति करें । शास्त्रों में भी नारी सम्मान के विषय में विशेष रूप से कहा गया है कि यहां स्त्रियों की पूजा होती है, वहां देवता रमते हैं । जहाँ उनकी पूजा नहीं होती, वहाँ सब काम निष्फल होते हैं।”