अंबिका न्रियलकोन एस्टेट कंपनी ने सरकार से फर्जीवाड़ा कर सड़क पर बनाया बहुमंजिला प्रोजैक्ट
न्यू चढ़ीगड़ 13 जुलाई( मार्शल न्यूज) यह खबर उन लोगों को चौकाने वाली है जो लोग न्यू पढीगढ़ मुल्लांपुर क्षेत्र में रिहाईश के लिए अपना सपनों का घर बनाने के लिए निवेशा करना चाहते है या सोच रहे हैं।क्यो कि यहां स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के बिल्डरों दारा जहां सरकार की आंखों में धूल झोंक सड़क के लिए एमवायर जमीन पर बहुमंजिला प्रोजेक्ट के लिए सीएलयू ले लिया वहीं प्रोजेक्ट पे करोड़ों का लोन ले लिया वहीं बहुमंजिला फ्लैट बनाकर बेच भी डाले इस प्रकार जहां सरकार को आर्थिक चूना लगाया वहीं निवेशको को भी जीवन भर की पूंजी ठग ली हैं।
राज्य के सतर्कता विभाग ने न्यू चंडीगढ़ में अंबिका रियलकोन रियल एस्टेट कंपनी के बिल्डरों के खिलाफ सरकार को गुमराह कर सड़क के लिए एक्वायर नंबरों में बहुमंजिला परियोजना के लिए सीएलयू लेने और उस पर करोड़ों का कर्ज ले कर सरकार को चूना और निवेशकों को ठगी की चपत लगाने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है ।जिन लोगों ने अंबिका के इस बहुमंजिला परियोजना में फ्लैट खरीदने के लिए अपनी जीवन भर की बचत खर्च की थी, वे अपने सपनों के घर पर पानी फिरने से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
विजिलेंस विभाग ने शिकायत संख्या 228/2019 के आधार पर न्यू चंडीगढ़ अंतर्गत ग्राम डोडेमाजरा की जमीन पर रियल एस्टेट कंपनी अंबिका की बहुमंजिला परियोजना के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपी दिवाकर बंसल, रितेश सहगल, हर्ष भार्गव सड़क के लिए गलत तरीके से अधिग्रहित क्षेत्र पर परियोजना को पारित कराने के लिए इन्हो ने सरकार को गुमराह किया और धोखाधड़ी से सीएलयू को गल्त ढंग से सड़क के लिए एक्वायर हुए खबे में बहुमंजिला प्रौजेक्ट पास करवा लिया प्राथमिकी के अनुसार, उपरोक्त आरोपी ओमेक्स कंपनी में कार्यरत थे, इसलिए उन्होंने अंबिका रीयल कोन कंपनी की स्थापना की और इन्हों ने अंबिका कंपनी के गठन के बारे में रियल एस्टेट कंपनी ओमेक्स को बताए बिना, ओमेक्स कंपनी के कागज और व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग किया और खुद अंबिका कंपनी में निवेश किया था। किसानों की जमीन का सौदा किया गया और अंबिका कंपनी ने सीएलयू के लिए आवेदन करते समय जानबूझकर सरकार को झूठी और भ्रामक जानकारी दी।यह भी पता चला कि इन अधिकारियों के साथ-साथ राजस्व विभाग, सीटीपी कार्यालय और भूमि अधिग्रहण शाखा के संबंधित अधिकारियों ने सीएलयू प्राप्त किया था मिलीभगत से अपने निजी लाभ के लिए झूठी, झूठी और जाली रिपोर्ट के आधार पर 1, जबकि सड़क के लिए पहले ही क्षेत्र का अधिग्रहण कर लिया गया था। इन सबके बावजूद उन्होंने इन सड़क क्षेत्रों में धोखे से बहुमंजिला फ्लैट बना कर जनता को बेच दिए. विजिलेंस विभाग ने जांच में पाया कि इन कथित अपराधियों ने जहां सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, वहीं वे फ्लैट खरीदकर आ आपराधिक साजिश में श्रीमती सविता सेठी के नाम का भी उल्लेख है, जिनका अब निधन हो गया है। सतर्कता विभाग द्वारा धोखाधड़ी के ताजा मामले में अंबिका कंपनी के मुख्य नगर नियोजक के पद पर तैनात दिवाकर बंसल, रितेश सहगल, हरस भार्गव, बलजीत सिंह मल्ल पटवारी, लेख राज पटवारी के खिलाफ 8 जुलाई 2021 को प्राथमिकी संख्या 11 का मामला दर्ज किया गया है. धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 120-बी आईपीसी के तहत पंजीकृत। इसके अलावा तरसेम मित्तल नायब तहसीलदार भूमि अधिग्रहण कलेक्टर पुडा, अंबिका कंपनी, उमैक्स कंपनी, राजस्व विभाग, सीटीपी कार्यालय और भूमि अधिग्रहण शाखा, पुडा के संबंधित अधिकारी / कर्मचारी या अन्य निजी व्यक्तियों की भूमिका जहां जांच चल रही है, छापेमारी की जा रही है. उपरोक्त आरोपित को पकड़ने के लिए किया गया।

क्या है मामला; – 2019 में परमिंदर सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ था कि अंबिका परियोजना का निर्माण गमाडा द्वारा एक सड़क के लिए अधिग्रहित क्षेत्र पर किया जा रहा था। इससे पहले नई चंडीगढ़ के ढ़ोडेमाजरा गांव की जमीन मालिक सरमिला देवी ने उसी कंपनी के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी कि हमारे हिस्से की जमीन जबरन तक्सीम कर दी गई है. कंपनी के फर्जीवाड़े के तहत 30 जून 2015 को फर्जी डिस्ट्रीब्यूशन म्यूटेशन नंबर 1139 दर्ज किया गया था और इसे बिना किसी कायदेकानून के मंजूरी दे दी गई थी। कंपनी ने एक बैंक से 62 करोड़ रुपये का कर्ज भी हासिल किया। एसडीएम खरड़ की जांच के दौरान अंबिका का प्रोजेक्ट विवादों में घिर गया था। आरोपित नायब तहसीलदार, पटवारी व अंबिका कंपनी के बिल्डरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अब विजिलेंस विभाग ने 8 जुलाई 2021 को कंपनी दारा की करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े को लेकर एक बार फिर पर फिर धोखाधड़ी की एफआरआई दर्ज बीबी हो जाने से बहुमंजिला परियोजना पर सवालिया निशान लगा दिया है, वहीं आम जनता, जिन्होंने फ्लैटों में पैसा लगाया है, निवेशक हैं. प्रोजक्ट के सड़क पर.आने के कारण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं ।

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