मोहाली 29 अगस्त :मार्शल न्यूज : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और भारत तिब्बत सहयोग मंच के संस्थापक श्री इंद्रेश कुमार जी ने अपने संबोधन में प्रकृति वंदन दिवस की सभी को बहुत-बहुत बधाई दी है और उन्होंने कहा है कि यह सत्य है कि प्रकृति परमेश्वर है और परमेश्वर का वास प्रकृति में है।प्रकृति और परमेश्वर को अलग-अलग भाषा में ईश्वर, गॉड, अल्लाह, वाहेगुरु कहा गया है और ईश्वर का सच्चा स्वरूप जिसको मानवमात्र अनुभव कर सकता है, वह प्रकृति है।अगर हम प्रकृति का संरक्षण और पोषण करेंगे, तो शरीर मन बुद्धि सदैव प्रसन्न रहेंगे और अगर प्रकृति का शोषण करेंगे तो कष्ट और दुखी रहेंगे ।
प्रकृति हमारी प्राणवायु है, आओ जल बचाकर, पेड़ लगाकर, स्वच्छता रखकर, गंदगी भगाकर, मन-बुद्धि से क्रोध मिटाकर, प्रकृति के साथ जीवन जीने का संकल्प लें ।